Aachara Shastra Ke Mool Siddhanta (PB) | Anirudh Jha (Author), Ramnandan Mishra (Author) | MLBD Publications
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सत्य:
हमेशा सच बोलना और सच्चाई के मार्ग पर चलना।
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अहिंसा:
किसी भी जीव को मन, वचन या कर्म से हानि न पहुंचाना।
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अस्तेय:
चोरी न करना, दूसरों की वस्तुओं पर बुरी नजर न डालना।
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अपरिग्रह:
आवश्यकता से अधिक वस्तुओं का संग्रह न करना।
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ब्रह्मचर्य:
इंद्रिय संयम का पालन करना, शारीरिक और मानसिक रूप से शुद्ध रहना।
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क्षमा:
दूसरों की गलतियों को माफ करना, क्रोध और द्वेष से दूर रहना।
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दया:
दूसरों के प्रति सहानुभूति रखना, उनकी मदद करना।
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दान:
अपनी संपत्ति का कुछ हिस्सा दूसरों के साथ बांटना, दान करना।
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शौच:
शरीर और मन को शुद्ध रखना, स्वच्छता का पालन करना।
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संयम:
अपनी भावनाओं और इच्छाओं पर नियंत्रण रखना।
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संतोष:
जो प्राप्त है, उसी में संतुष्ट रहना, लालच से दूर रहना।
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तप:
अपनी इंद्रियों को वश में करने के लिए प्रयास करना, कठिनाइयों का सामना करना।
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स्वाध्याय:
ज्ञान प्राप्त करने के लिए निरंतर अध्ययन करना।
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ईश्वर-भक्ति:
ईश्वर में विश्वास रखना और उनकी पूजा करना।








