Aadhunik Bharat ka Aarthik Itihas (PB) | Dhanpati Pandey (Author) | MLBD Publications
We deliver the products all over world
Free shipping. All orders are dispatched the next business day!
100% Cusotmer Statisfaction
-
विऔद्योगीकरण:
<br /> \nब्रिटिश शासन के दौरान, भारत के पारंपरिक शिल्प उद्योगों का पतन हुआ, जिससे देश की अर्थव्यवस्था में बदलाव आया।
-
व्यापार और निवेश:
<br /> \nब्रिटिश नीतियों ने भारतीय व्यापार और निवेश को प्रभावित किया, जिससे ब्रिटेन को लाभ हुआ और भारत की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
-
कृषि:
<br /> \nब्रिटिश शासन के दौरान, कृषि क्षेत्र में भी बदलाव हुए, जैसे कि भूमि कर प्रणाली में परिवर्तन और नकदी फसलों पर जोर, जिसने किसानों के जीवन को प्रभावित किया।
-
औद्योगिक विकास:
<br /> \nब्रिटिश शासन के दौरान, भारत में औद्योगिक विकास सीमित था, और अधिकांश उद्योग ब्रिटेन में स्थापित थे।
-
योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था:
स्वतंत्रता के बाद, भारत ने एक योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था को अपनाया, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र और सरकारी नियंत्रण को महत्व दिया गया।
-
आर्थिक सुधार:
1991 में, भारत ने आर्थिक सुधारों को लागू किया, जिससे उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण को बढ़ावा मिला।
-
आर्थिक विकास:
<br /> \nस्वतंत्रता के बाद, भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास हुआ, और यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गई।
-
साहित्यिक स्रोत:
<br /> \nब्रिटिश शासन के दौरान लिखे गए दस्तावेज, जैसे कि आधिकारिक अभिलेख, समाचार पत्र, और व्यक्तिगत संस्मरण, आधुनिक भारत के आर्थिक इतिहास के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।
-
पुरातात्विक स्रोत:
किले, इमारतें, और व्यापार गोदाम जैसे पुरातात्विक स्थल, आर्थिक और सामाजिक जीवन के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।








